50 प्रेरणादायक हिंदी कहानिया – Hindi Short Stories Kids with Pictures

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Hindi Short Stories Kids with Pictures

बचपन में कई चीजें हमें समझ में नहीं आती थी, जिसे समझाने के लिए हमारे बड़े हमें bacchon ki kahaniyan  सुनाते थे ।

वक्त के साथ कहानियां एकदम बीते जमाने की बात हो गई है इसका कारण है यूट्यूब पर कहानी से संबंधित कई सारे वीडियो का होना ।

पर जितना मजा  कहानियां पढ़ने पर आता है उतना मजा वीडियो देखने पर नहीं आता

क्योंकि kahaniya new पढ़ने से हमारी वाचन शक्ति अच्छी होती है और अक्षर ज्ञान भी अच्छा होता है ।

इस पोस्ट में हम लाए हैं लिए बेहतरीन Hindi Short Stories fir kids with Pictures  जिससे आपके बच्चों का मानसिक विकास अच्छा होगा।

कहानियों के साथ kahani ka moral भी दिया हुआ है hindi quotes के साथ।

तो यह है 50 hindi kahaniya जिसे पढ़कर (kids stories in hindi) बच्चे जरूर को सीखेंगे । तो चलिए शुरू करते हैं – 

1गौतम बुद्ध की प्रेरणादायक कहानी – Goutam budhha ki kahani 

Goutam budhha ki kahani – एक बार गौतम बुद्ध एक गांव में धर्म सभा को संबोधित कर रहे थे। 

लोग अपनी परेशानियों को लेकर उनके पास जाते और उनका हल लेकर खुशी-खुशी वहां से लौटते।

उसी गांव में सड़क के किनारे एक गरीब व्यक्ति बैठा रहता और धर्म सभा में आने जाने वाले लोगों का लोगों को ध्यान से देखता।

उसे बड़ा आश्चर्य होता कि लोग अंदर तो बड़ा दुखी चेहरा लेकर जाते हैं लेकिन जब वापस आते हैं तो बड़े प्रसन्न दिखाई देते।

उस गरीब को लगा कि क्यों ना वह भी अपनी समस्या बुद्ध के सामने रखें।

मन में यह विचार लिए वह भी महात्मा बुद्ध के पास पहुंचा। 

लोग  पंक्ति बंद खड़े होकर उन्हें अपनी समस्या बता रहे थे और वह मुस्कुराते हुए सब की समस्याएं हल कर रहे थे।

गौतम बुद्ध की प्रेरणादायक कहानी – Goutam budhha ki kahani

जब उसकी बारी आई तो उसने सबसे पहले महात्मा को प्रणाम किया और कहा –

भगवान इस गांव में लगभग सभी लोग खुश और समृद्ध है फिर मैं ही क्यों गरीब हूं?

इस पर बुद्ध मुस्कुराते हुए बोले – तुम गरीब और निर्धन इसलिए हो क्योंकि तुमने आज तक किसी को कुछ नहीं दिया।

आश्चर्यचकित होकर गरीब बोला – भगवान मेरे पास भला दूसरों को देने के लिए क्या होगा? 

मेरा तो स्वयं का गुजारा बहुत मुश्किल से हो पाता है। लोगों से भीख मांगकर अपना पेट भरता हूं।

भगवान बुद्ध कुछ देर शांत रहे फिर बोले – तुम बड़े अज्ञानी हो, औरों को बांटने के लिए ईश्वर ने तुम्हें बहुत कुछ दिया है।

  • मुस्कुराहट दी है जिससे तुम लोगों में आशा का संचार कर सकते हो। 
  • मुंह से दो मीठे शब्द बोल सकते हो। 
  • दोनों हाथ से लोगों की मदद कर सकते हो।

ईश्वर ने जिसको यह तीन चीजें दी है वह कभी गरीब और निर्धन हो ही नहीं सकता।

 निर्धनता का विचार आदमी के मन में होता है यह तो एक भ्रम है इसे निकाल दो यह सुन उस आदमी का चेहरा चमक उठा।

Conclusion

इस कहानी से आप समझ गए होंगे कि गरीब और दुखी होना एक भ्रम है ना की वास्तविकता, आप दुसरो की मदद करेगे तो आप हमेशा खुश रहेगे।

इन्सान के पास जो है उससे ज्यादा की उम्मीद करता है। यह अच्छी बात है क्योंकि इससे हमें कुछ करने की प्रेरणा मिलती है।

पर कुछ लोग अपनी लाइफ से इतने बोर हो जाते हैं कि उनके पास उदासी के अलावा कुछ नहीं रहता।

सब कुछ होते हुए भी उन्हें लगता है कि वह बहुत गरीब है।

इंसान अपनी खुशहाली पैसों से तौलने लगा है। 

जिसके पास जितनी दौलत है वह उतना ही खुश होगा। 

चकाचोंध जिंदगी में हमारी असली खुशी कहां खो सी गई है।

दौलत जिंदगी गुजारने का सिर्फ एक जरिया है, आप इससे खुशियां नहीं खरीद सकते। खुशियां और दुख हमारे दिमाग की उपज है।

हमारे साथ घटी घटनाओं को हम किस नजरिए से देखते हैं इस पर सुख और दुख डिपेंड करता है।

Good Morning Status In Hindi

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2हर तूफान जिन्दगी को मुश्किल बनाने के लिए नहीं आता – Short Stories in hindi

Kisan ki Kahani – बहुत  समय  पहले  की  बात  है, किसी  गाँव  में  एक   किसान  रहता  था। वह  रोज़   भोर  में  उठकर  दूर  झरनों  से  स्वच्छ  पानी  लेने  जाया   करता  था ।

Short Motivational Story in Hindi

इस  काम  के  लिए  वह  अपने  साथ  दो  बड़े  घड़े  ले  जाता  था , जिन्हें  वो  डंडे  में   बाँध  कर  अपने कंधे पर  दोनों  ओर  लटका  लेता  था ।

उनमे  से  एक  घड़ा  कहीं  से  फूटा  हुआ  था और  दूसरा  एक  दम  सही  था।

इस  वजह  से  रोज़  घर  पहुँचते -पहुचते  किसान  के  पास सिर्फ  डेढ़  घड़ा  पानी  ही बच  पाता  था, ऐसा 2  सालों  से  चल  रहा  था ।

सही  घड़े  को  इस  बात  का  घमंड  था  कि  वो  पूरा  का  पूरा  पानी  घर  पहुंचता  है  और  उसके  अन्दर  कोई  कमी  नहीं  है ,

वहीँ  दूसरी  तरफ  फूटा  घड़ा  इस  बात  से  शर्मिंदा  रहता  था  कि  वो  आधा  पानी  ही  घर  तक  पंहुचा   पाता  है  और  किसान  की  मेहनत  बेकार  चली  जाती  है ।

Hindi Short Stories

फूटा घड़ा ये  सब  सोच  कर  बहुत  परेशान  रहने  लगा  और  एक  दिन  उससे  रहा  नहीं  गया , उसने  किसान   से  कहा ,

“ मैं  खुद  पर  शर्मिंदा  हूँ  और  आपसे  क्षमा  मांगना  चाहता  हूँ ?

किसान  ने  पूछा – तुम  किस  बात  से  शर्मिंदा  हो ?

शायद  आप  नहीं  जानते  पर  मैं  एक  जगह  से  फूटा  हुआ  हूँ , और  पिछले  दो  सालों  से  मुझे  जितना  पानी  घर  पहुँचाना  चाहिए  था  बस  उसका  आधा  ही  पहुंचा  पाया  हूँ ,

मेरे  अन्दर  ये  बहुत बड़ी  कमी  है , और  इस  वजह  से  आपकी  मेहनत  बर्बाद  होती  रही  है ।, फूटे घड़े ने दुखी होते हुए कहा।

किसान  को  घड़े  की  बात  सुनकर  थोडा  दुःख  हुआ  और  वह  बोला , “ कोई  बात  नहीं , मैं  चाहता  हूँ  कि  आज  लौटते  वक़्त  तुम  रास्ते में  पड़ने  वाले  सुन्दर  फूलों  को  देखो ।

घड़े  ने  वैसा  ही  किया , वह  रास्ते  भर  सुन्दर  फूलों  को  देखता  आया , ऐसा करने से  उसकी  उदासी  कुछ  दूर  हुई  पर  घर  पहुँचते – पहुँचते   फिर  उसके  अन्दर  से  आधा  पानी  गिर  चुका  था,

वो  मायूस  हो  गया  और   किसान  से  क्षमा  मांगने  लगा ।

Moral Stories in Hindi

किसान  बोला – शायद  तुमने  ध्यान  नहीं  दिया  पूरे  रास्ते  में  जितने   भी  फूल  थे  वो  बस  तुम्हारी  तरफ  ही  थे , सही  घड़े  की  तरफ  एक  भी  फूल  नहीं  था ।

ऐसा  इसलिए  क्योंकि  मैं  हमेशा  से  तुम्हारे  अन्दर  की  कमी को  जानता  था , और  मैंने  उसका  लाभ  उठाया ।

मैंने  तुम्हारे  तरफ  वाले  रास्ते  पर   रंग -बिरंगे  फूलों के  बीज  बो  दिए  थे , तुम  रोज़  थोडा-थोडा  कर  के  उन्हें  सीचते रहे  और  पूरे  रास्ते  को  इतना  खूबसूरत  बना  दिया ।

आज तुम्हारी  वजह  से  ही  मैं  इन  फूलों  को  भगवान  को  अर्पित  कर  पाता  हूँ  और अपना  घर  सुन्दर  बना  पाता  हूँ ।

तुम्ही  सोचो  अगर  तुम  जैसे  हो  वैसे  नहीं  होते  तो  भला  क्या  मैं  ये  सब  कुछ  कर  पाता ?

Moral of story

दोस्तों  हम  सभी  के  अन्दर  कोई  ना  कोई  कमी  होती है , पर यही कमियां हमें अनोखा  बनाती हैं।

उस किसान की  तरह  हमें  भी  हर  किसी  को  वो  जैसा  है  वैसे  ही स्वीकारना चाहिए

और  उसकी  अच्छाई  की  तरफ  ध्यान  देना  चाहिए, और जब हम ऐसा करेंगे तब “फूटा घड़ा” भी “अच्छे घड़े” से मूल्यवान हो जायेगा।

जीवन में कई बार हम गिरते हैं, हारते हैं, हमारे लिए हुए निर्णय हमें मिटटी में मिला देते हैं। हमें ऐसा लगने लगता है कि हमारी कोई कीमत नहीं है।

लेकिन आपके साथ चाहे जो हुआ हो या भविष्य में जो हो जाए , आपका मूल्य कम नहीं होता।

आप स्पेशल हैं, इस बात को कभी मत भूलिए। कभी भी बीते हुए कल की निराशा को आने वाले कल के सपनो को बर्बाद मत करने दीजिये।

याद रखिये आपके पास जो सबसे कीमती चीज है, वो है आपका जीवन।”

हर तूफान जिन्दगी को मुश्किल बनाने के लिए नहीं आता,
कभी-कभी इससे रास्ते भी साफ हो जाते है।  
 
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3हाथी की प्रेरणादायक हिंदी कहानी – Hindi Khanai

एक व्यक्ति रास्ते से गुजर रहा था कि तभी उसने देखा कि एक हाथी, एक छोटे से लकड़ी के खूंटे से बंधा खड़ा था।

 व्यक्ति को देखकर बड़ी हैरानी हुई कि इतना विशाल हाथी एक पतली रस्सी के सहारे उस लकड़ी के खूंटे से बंधा हुआ है।

 ये देखकर व्यक्ति को आश्चर्य भी हुआ और हंसी भी आयी।

हाथी की प्रेरणादायक हिंदी कहानी – Hindi Khanai

उस व्यक्ति ने हाथी के मालिक से कहा – अरे ये हाथी तो इतना विशाल है फिर इस पतली सी रस्सी और खूंटे से क्यों बंधा है ? 

ये चाहे तो एक झटके में इस रस्सी को तोड़ सकता है लेकिन ये फिर भी क्यों बंधा है?

हाथी के मालिक ने व्यक्ति से कहा कि श्रीमान जब यह हाथी छोटा था मैंने उसी समय इसे रस्सी से बांधा था।

 उस समय इसने खूंटा उखाड़ने और रस्सी तोड़ने की पूरी कोशिश की लेकिन यह छोटा था इसलिए नाकाम रहा।

इसने हजारों कोशिश कीं लेकिन जब इससे यह रस्सी नहीं टूटी तो हाथी को यह विश्वास हो गया कि यह रस्सी बहुत मजबूत है 

और यह उसे कभी नहीं तोड़ पायेगा इस तरह हाथी ने रस्सी तोड़ने की कोशिश ही खत्म कर दी।

आज यह हाथी इतना विशाल हो चुका है लेकिन इसके मन में आज भी यही विश्वास बना हुआ है कि यह रस्सी को नहीं तोड़ पायेगा ।

इसलिए यह इसे तोड़ने की कभी कोशिश ही नहीं करता। इसलिए इतना विशाल होकर भी यह हाथी एक पतली सी रस्सी से बंधा है।

Conclusion of Hindi Khanai

दोस्तों उस हाथी की तरह ही हम इंसानों में भी कई ऐसे विश्वास बन जाते हैं जिनसे हम कभी पार नहीं पा पाते।

एकबार असफल होने के बाद हम ये मान लेते हैं कि अब हम सफल नहीं हो सकते 

और फिर हम कभी आगे बढ़ने की कोशिश ही नहीं करते और झूठे विश्वासों में बंधकर हाथी जैसी जिंदगी गुजार देते हैं।

एक और आदत जो की नेगेटिव इंसानों में पाई जाती है वह है कि वह किसी काम की शुरुआत से पहले उसके नेगेटिव पहलुओं पर विचार करते हैं 

और लंबे समय तक उसे करने, ना करने में पशोपेश उलझन में पड़े रहते हैं। और काफी समय बर्बाद कर देते हैं।

इसके अलावा यदि उन्होंने कार्य प्रारंभ भी कर दिया तो अक्सर उस कार्य में आने वाली कठिनाइयों से घबराकर ही उसे अधूरा छोड़ देते हैं।

दूसरी और Positive सोच और आशावादियों के साथ यह स्थिति नहीं होती। वह कठिन से कठिन कार्य के पॉजिटिव पहलू पर ज्यादा सोचते हैं। 

छोटी-छोटी परेशानियों से घबराने के स्थान पर उनसे सीखते हैं तथा चाहे कितनी भी मुश्किल रहा हो उसे पूरा करके ही चैन की सांस लेते हैं।

जीवन में उतार चढ़ाव आम बात है फर्क इतना है कि कभी-कभी यह परिस्थितियां हमारे अनुकूल होती है। और कभी बिल्कुल कड़वी होती है।

Motivate Speech

अक्सर देखा गया है कि इंसान प्रतिकूल परिस्थितियों में घबरा जाता है और अपने लक्ष्य से भटक जाता है। 

कई बार तो देखा गया है कि वह दूसरा काम करने का निर्णय तक नहीं ले पाता।

पर सफल इंसान वही है जो विषम परिस्थितियों में भी डट कर खड़ा रहता है। काम के दौरान ऐसी परिस्थितियां बनना स्वाभाविक है।

इसलिए लक्ष्य को सीधे रखना जीवन में जरुरी है। 

आप जिस परिस्थिति में हो उसी में अच्छी तरह से काम करें, अपनी सारी शक्ति लगा दे, सफलता आपको एक दिन अवश्य मिलेगी।

जो लोग बुद्धिमान है
वह असफलताओं से कभी नहीं घबराते 

अपनी कमियों और और क्षमता
से मिली असफलता के लिए भाग्य को दोष मत दो 

भाग्य को और दूसरों को दोष क्यों देना
जब सपने हमारे हैं तो कोशिश भी हमारी ही होनी चाहिए

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4एक गरीब आदमी की कहानी – Hindi mein kahaniyan

Hindi mein kahaniyan – एक व्यक्ति ऑफिस से घर लोटा, उसने  जब दरवाजा खोलकर देखा तो अंदर चार पांच लोग बैठे हुए थे।

सभी लोगों ने अच्छे कपड़े पहने थे और उस व्यक्ति को अच्छी तरह से जानते थे।

लेकिन उनमें एक शख्स ऐसा भी था जिसकी उम्र करीब 50 से 70 वर्ष के बीच में थी। 

उसने फटे हुए जूते, गंदे कपड़े पहने हुए थे, जो देखने में बहुत बीमार से नजर आ रहा था।

वो व्यक्ति भी उनके बीच बातें करने के लिए बैठ जाता है। 

वह उस गंदे और गरीब जैसे दिखने वाले आदमी से पूछता है कि आप क्या करते हो? आप की हालत इस प्रकार कैसे हो गई है?

इसपर वह बूढ़ा व्यक्ति बोलता है – उसकी हालत का जिम्मेदार कोई और नहीं वह खुद है।

जब मैं कॉलेज में था तब बड़े बड़े सपने देखा करता था।

 कॉलेज पास होने के बाद कई जॉब ज्वाइन किए लेकिन फिर भी मैंने सपने देखने बंद नहीं किए।

सपनों में मैं खुद को बहुत बड़ा आदमी बनते हुए देखता था, 

मेरे पास पैसा हो, गाड़ी हो, अच्छा घर हो, सब कुछ हो, लेकिन इन सपनों को पूरा करने के लिए कभी कोई कदम नहीं उठाता था।

Hindi Motivational Stories 

बस मैं सुबह शाम अपनी नौकरी किए जा रहा था। 

आधे समय अपनी नौकरी को बचाने की तरकीब सोचा करता था।

ऐसा करते करते मैंने 10 साल तक नौकरी की लेकिन मेरे पास बचत के नाम पर कुछ नहीं था।

सैलरी के पैसों को अपने शौक पूरे करने में खर्च कर देता था। 

मेरे पास भी महंगे मोबाइल फोन, अच्छे जूते, ब्रांडेड कपड़े सब कुछ हुआ करते थे। 

सैलरी के आते ही  फिल्म, पार्टी, सैर-सपाटे में बिजी हो जाया करता था और महीने के अंत में मेरे पास कुछ नहीं बचता था।

10 साल नौकरी करने के बाद अचानक से कम्पनी ने मुझे नौकरी से निकाल दिया। 

अब मेरे पास ना तो कोई नौकरी थी और ना ही अपने सपने पूरे करने के लिए पैसे। यहां तक की पढ़ाई के लिए पैसे खत्म होने के कारण मैं कुछ और भी नहीं कर सकता था।

अचानक से मेरी दुनिया ही बर्बाद हो गई। कुछ दिन तो अपने दोस्तों के रहमों करम पर पलता रहा।

 लेकिन दोस्तों ने भी एक एक करके मुझे किनारा करना शुरु कर दिया था।

अब मेरे पास घर जाने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं बचा था।

घर जाकर मै घर वालों पर बोझ बन गया।

 कई साल ऐसे ही गुजर जाने के बाद जब मेरी उम्र 40 साल की हो गई तो अब कंपनी में इंटरव्यू के लिए कॉल करना भी बंद कर दिया। 

मेरे पास पैसे नहीं होते थे तो मैंने पास के एक छोटे से स्कूल में टीचर बहुत कम सेलरी पर बच्चों को पढ़ाना शुरु किया।

Hindi Short Stories

मेरे सभी शोक खत्म हो चुके थे। मुझे महीने में इतने ही पैसे मिलते थे की मै सिर्फ अपना पेट भर सकू। 

आज मुझे यह काम करते हुए 10 साल हो गए हैं और आज मेरी उम्र 50 साल है।  

यह कहते हुए उस गंदे और बीमार आदमी ने अपनी बात को यहीं विराम दिया।

पूरी बात सुनने के बाद उस व्यक्ति ने पूछा कि आप हैं कौन?

 तब उस बूढ़े व्यक्ति ने बताया कि मैं और कोई नहीं, तुम्हारा ही आने वाला कल हु, जो फ्यूचर से किसी तरह तुम्हें सिर्फ यह बात समझाने के लिए आया हूं।

जब वह व्यक्ति उसे गौर से देखता है तो उसे पता चलता है कि यह सच में उसका ही रूप है वह अपने आप को इस स्थिति में देखकर चिंतित हो जाता है ।

दोस्तों अपने आपको उस व्यक्ति की जगह रख कर देखें कि आप आज जो कर रहे हैं उसके हिसाब से आपका फ्यूचर क्या होगा?

अगर आप उस बूढ़े व्यक्ति की जगह होते तो आपकी प्रतिक्रिया क्या होगी?

  • क्या अब भी आप अपने शौक पूरे करेंगे?  
  • आप क्या अपने सपने पूरे करना शुरू कर देंगे? 
  • क्या आप कुछ ऐसा करेंगे जिससे आपका फ्यूचर बदल जाए?

इसके बाद भी कल से शुरू करेंगे या अभी टाइम आने दो, या मेरे पास इतने पैसे नहीं है इस तरह बहाने बनाते रहेंगे।

अगर आप अपनी जिंदगी बर्बाद नहीं करना चाहते हैं तो अपनी जिंदगी का एक भी सेकंड बर्बाद ना करें 

और उसका पूरा इस्तेमाल कर सफलता को प्राप्त करने की दिशा की ओर बढ़ जाए ।

अच्छा समय वही है जहां से आप काम की शुरुआत करते हैं ।

Hindi Motivational Stories – समय ना लगाओ तय करने में

 समय ना लगाओ तय करने में,
आपको करना क्या है,
वरना समय तय कर लेगा कि आपका क्या करना है।
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5राजा और किसान की प्रेरणादायक कहानी – Raja or Kisan ki kahani

Raja or Kisan ki kahani – चंदनपुर का राजा बड़ा प्रतापी था, उसके महल में हर एक सुख सुविधा की वस्तु उपलब्ध थी। 

पर फिर भी अंदर से उसका मन अशांत रहता था।

एक दिन भेस बदल कर राजा अपने राज्य की सैर पर निकला। 

घूमते-घूमते वह एक खेत के निकट से गुजरा तभी उसकी नजर एक किसान पर पड़ी।

किसान ने फटे पुराने वस्त्र पहन रखे थे और वह पेड़ की छांव में बैठ कर भोजन कर रहा था।

 किसान की गरीबी देखकर राजा किसान के सम्मुख जाकर बोला –

“मैं एक राहगीर हूं मुझे तुम्हारे खेत पर यह सोने की मुद्राएं गिरी हुई मिली क्योंकि यह कह तुम्हारा है इसलिए यह मुद्राएं भी तुम ही रख लो।”

किसान ने कहा – “यह मुद्राएं मेरी नहीं है, मैं तो रोज 4 आने कमा लेता हूं वही बहुत है मेरे लिए।

Raja or Kisan ki kahani

राजा ने आश्चर्य जताया की चार आने तो बहुत कम होते हैं, 

इस पर किसान बोला- “प्रसन्नता इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आप कितना कमाते हैं या आपके पास कितना धन है, प्रसन्नता उत्थान के प्रयोग पर निर्भर करती है।

इन चार आनो में से एक में कुएं में डाल देता हूं, दूसरे से कर्ज चुका देता हूं, तीसरा उधार में दे देता हूं, और चोथा मिट्टी में गाड़ देता हूं।

राजा को किसान की बात समझ में नहीं आई राजा ने खुरद कर पूछा तो किसान संतोष से बोला- हजूर जैसा की मैंने बताया था कि मैं –

एक आना कुएं में डाल देता हूं- यानी अपने परिवार के भरण पोषण में लगा देता हूं।

दूसरे से मैं कर चुकाता हूं यानी इससे मैं अपने वृद्ध मां बाप की सेवा में लगा देता हूं।

तीसरा में उधार दे देता हूं अर्थात अपने बच्चों की शिक्षा दीक्षा में लगा देता हूं।

चौथा में मिट्टी में गाड़ देता हूं मतलब कि मैं एक पैसे की बचत कर लेता हूं 

ताकि समय आने पर मुझे किसी से मांगना ना पड़े और मैं इस धार्मिक सामाजिक या अन्य आवश्यक कार्यों में लगा सकूं।

राजा को अब किसान की बात समझ आ चुकी थी कि वह जान चुका था कि यदि उसे खुश और संतुष्ट रहना है 

तो उसे भी अपने अर्जित किए धन का सही सही उपयोग करना होगा।

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6  कल की चिंता कहानी – Kal ki Chinta Hindi Stories

Hindi Stories

Kal ki chinta Hindi Stories – एक बार एक संत ने अपने दो भक्तों को बुलाया और कहा – आप को यहाँ से पचास कोस दूर जाना है। 

एक भक्त को एक बोरी खाने के सामान से भर कर दी और कहा जो लायक मिले उसे देते जाना।

और दुसरे भक्त को ख़ाली बोरी दी उससे कहा रास्ते मे जो उसे अच्छा मिले उसे बोरी मे भर कर ले आए। 

दोनो निकल पड़े जिसके कंधे पर समान था वो धीरे चल पा रहा था ख़ाली बोरी वाला भक्त आराम से जा रहा था।

थोड़ी दूर बाद ख़ाली बोरी वाले भक्त को एक सोने की ईंट मिली।उसने उसे बोरी मे डाल लिया। 

थोड़ी दूर चला फिर ईंट मिली, उसे भी उठा लिया।

जैसे-जैसे चलता गया उसे सोना मिलता गया और वो बोरी मे भरता हुआ चल रहा था और बोरी का वज़न बढ़ता जा रहा था। 

उसका चलना मुश्किल होता जा रहा था और साँस भी चढ़ने लग गई थी। एक एक क़दम चलना मुश्किल हो गया।

दूसरा भक्त जैसे जैसे चलता गया, रास्ते मै जो भी मिलता उसको बोरी मे से खाने का कुछ समान देता गया। 

धीरे धीरे बोरी का वज़न कम होता गया और उसका चलना भी आसान होता गया। 

जो बाँटता गया उसका मंज़िल तक पहुँचना आसान होता गया। जो इकठ्ठा करता रहा उसने रास्ते मे ही दम तोड़ दिया।

Conclusion of Hindi Stories –

जिन्दगी का कडवा सच…

दिल से सोचना की हमने जीवन मे क्या बाँटा और क्या इकट्ठा किया, हम मंज़िल तक कैसे पहुँच पाएँगे। 

आप को 60 साल की उम्र के बाद कोई यह नहीं पूछेंगा कि आपका बैंक बैलेन्स कितना है या आप के पास कितनी गाड़ियाँ हैं….?

आपसे केवल दो ही प्रश्न पूछे जाएंगे …

  1. आप का स्वास्थ्य कैसा है…..? और
  2. आप के बच्चे क्या करते हैं….?

Sad Status in Hindi for Life – जिन्दगी हमें जीकर चलती बनी

जिस्म अटका रहा ख्वाहिशों में और जिन्दगी हमें जीकर चलती बनी।
 
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7दुसरो से जलन न करे – Hindi Stories with Moral

 

एक बार एक महात्मा ने अपने शिष्यों से कहा कि वह कल अपने साथ एक थैली में बड़े आलू लेकर आएं। 

आलू के ऊपर उस व्यक्ति का नाम लिखा होना चाहिए जिनसे वह ईर्ष्या करते हैं। 

जो व्यक्ति जितने व्यक्तियों से इर्ष्या करे वह उतने आलू लेकर आएं।

अगले दिन किसी पास चार आलू थे किसी के पास 10 थे और हर आलू पर उस व्यक्ति का नाम लिखा था जिससे वह नफरत करते थे।

 अब महात्मा ने कहा कि अगले 7 दिनों तक यह आलू आप सदैव अपने साथ रखें, चाहे कुछ भी करें।

जैसे तैसे शिष्यों ने 7 दिन बिताए और महात्मा की शरण ली। महात्मा को आलू देकर शिष्यों ने चैन की सांस ली।

महात्मा जी उनसे विगत दिनों के अनुभव के बारे में पूछा शिष्यों ने आलू की बदबू से होने वाली परेशानी के बारे में बताया।

महात्मा ने कहा मात्र 7 दिनों में ही आपको यह आलू बोझ लगने लगे तब सोचिए कि आप जिन व्यक्तियों से ईर्ष्या या नफरत करते हैं उनका कितना बोझ आपके मन पर होता होगा। और वह बोझ आप लोग तमाम जिंदगी ढोते रहते हैं।

ईर्ष्या तुम्हारे मन पर अनावश्यक बोझ डालती है। इसके कारण तुम्हारे मन में भी बदबू बढ़ जाती है। इसलिए अपने मन से इन भावनाओं को निकाल दें।

Conclusion – Hindi Stories with Moral

इस कहानी का उद्देश्य सिर्फ इतना कहना है कि दूसरों से जलन करके कभी आप अपने आप को सफल नहीं कर सकते।

आप में जो शक्ति है, जो प्रतिभा है उसे पहचाने और आगे बढ़े। दुसरो की बराबरी करने वाला इन्सान कभी सफल नहीं हो सकता। हर इन्सान को अपना रास्ता खुद चुनना होगा।

Happy life status in hindi

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 उन पर ध्यान दो जो आपके पास है,
जो नहीं है उन पर नहीं …

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8गुरु का महत्त्व – Short Stories for Kids in Hindi

Hindi Motivational Kahaniya

Short Stories for Kids in Hindi – एक राजा हो पढने लिखने का बहुत शौक था। 

एक बार उसने मंत्री-परिषद् के माध्यम से अपने लिए एक शिक्षक की व्यवस्था की, शिक्षक राजा को पढ़ाने के लिए आने लगा।

राजा को शिक्षा ग्रहण करते हुए कई महीने बीत गए, मगर राजा को कोई लाभ नहीं हुआ। 

गुरु तो रोज खूब मेहनत करते थे परन्तु राजा को उस शिक्षा का कोई फ़ायदा नहीं हो रहा था।

राजा बड़ा परेशान, गुरु की प्रतिभा और योग्यता पर सवाल उठाना भी गलत था क्योंकि वो एक बहुत ही प्रसिद्द और योग्य गुरु थे। 

आखिर में एक दिन रानी ने राजा को सलाह दी कि राजन आप इस सवाल का जवाब गुरु जी से ही पूछ कर देखिये।

राजा ने एक दिन हिम्मत करके गुरूजी के सामने अपनी जिज्ञासा रखी- 

हे गुरुवर क्षमा कीजियेगा, मैं कई महीनो से आपसे शिक्षा ग्रहण कर रहा हूँ पर मुझे इसका कोई लाभ नहीं हो रहा है, ऐसा क्यों है?

Hindi Short Stories

गुरु जी ने बड़े ही शांत स्वर में जवाब दिया, राजन इसका कारण बहुत ही सीधा सा है 

आप अपने बड़े होने के अहंकार के कारण इसे समझ नहीं पा रहे हैं और परेशान और दुखी हैं।

माना कि आप एक बहुत बड़े राजा हैं, आप हर दृष्टि से मुझ से पद और प्रतिष्ठा में बड़े हैं ।

परन्तु यहाँ पर आप का और मेरा रिश्ता एक गुरु और शिष्य का है। 

गुरु होने के नाते मेरा स्थान आपसे उच्च होना चाहिए, परन्तु आप स्वंय ऊँचे सिंहासन पर बैठते हैं और मुझे अपने से नीचे के आसन पर बैठाते हैं।

बस यही एक कारण है जिससे आपको न तो कोई शिक्षा प्राप्त हो रही है और न ही कोई ज्ञान मिल रहा है। 

आपके राजा होने के कारण मैं आप से यह बात नहीं कह पा रहा था।

कल से अगर आप मुझे ऊँचे आसन पर बैठाएं और स्वंय नीचे बैठें तो कोई कारण नहीं कि आप शिक्षा प्राप्त न कर पायें।

 राजा की समझ में सारी बात आ गई और उसने तुरंत अपनी गलती को स्वीकारा और गुरुवर से उच्च शिक्षा प्राप्त की।

कहानी का सार – Short Stories for Kids in Hindi

इस छोटी सी कहानी का सार यह है कि हम रिश्ते-नाते, पद या धन वैभव किसी में भी कितने ही बड़े क्यों न हों हम अगर अपने गुरु को उसका उचित स्थान नहीं देते तो हमारा भला होना मुश्किल है।

और यहाँ स्थान का अर्थ सिर्फ ऊँचा या नीचे बैठने से नहीं है।

इसका सही अर्थ है कि हम अपने मन में गुरु को क्या स्थान दे रहे हैं।

 क्या हम सही मायने में उनको सम्मान दे रहे हैं या स्वयं के ही श्रेष्ठ होने का घमंड कर रहे हैं?

अगर हम अपने गुरु या शिक्षक के प्रति यह भावना रखेंगे तो हमें उनकी योग्यताओं एवं अच्छाइयों का कोई लाभ नहीं मिलने वाला 

और अगर हम उनका आदर करेंगे, उन्हें महत्व देंगे तो उनका आशीर्वाद हमें सहज ही प्राप्त होगा।

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9गरीब औरत  की कहानी – Garib Ourat ki Kahani Short Hindi Stories

Short Hindi Stories – एक आदमी ने दुकानदार से पूछा – केले और सेवफल क्या भाव लगाऐ हैं ?

केले 50 रु.दर्जन और सेब 80 रु. किलो ।

उसी समय एक गरीब सी औरत दुकान में आयी और बोली मुझे एक किलो सेब और एक दर्जन केले चाहिये – क्या भाव है भैया ?

दुकानदार: केले 5 रु दर्जन और सेब 25 रु किलो।

औरत ने कहा जल्दी से दे दीजिये ।दुकान में पहले से मौजूद ग्राहक ने खा जाने वाली निगाहों से घूरकर दुकानदार को देखा ।

इससे पहले कि वो कुछ कहता – दुकानदार ने ग्राहक को इशारा करते हुये थोड़ा सा इंतजार करने को कहा।

औरत खुशी खुशी खरीदारी करके दुकान से निकलते हुये बड़बड़ाई – हे भगवान तेरा लाख- लाख शुक्र है , मेरे बच्चे फलों को खाकर बहुत खुश होंगे।

औरत के जाने के बाद दुकानदार ने पहले से मौजूद ग्राहक की तरफ देखते हुये कहा : ईश्वर गवाह है भाई साहब ! मैंने आपको कोई धोखा देने की कोशिश नहीं की यह विधवा महिला है जो चार अनाथ बच्चों की मां है ।

किसी से भी किसी तरह की मदद लेने को तैयार नहीं है।

मैंने कई बार कोशिश की है और हर बार नाकामी मिली है।तब मुझे यही तरीकीब सूझी है कि जब कभी ये आए तो मै उसे कम से कम दाम लगाकर चीज़े दे दूँ।

मैं यह चाहता हूँ कि उसका भरम बना रहे और उसे लगे कि वह किसी की मोहताज नहीं है। मैं इस तरह भगवान के बन्दों की पूजा कर लेता हूँ।

गरीब ओरत की कहानी – Short Hindi Stories

थोड़ा रूक कर दुकानदार बोला : यह औरत हफ्ते में एक बार आती है। 

भगवान गवाह है जिस दिन यह आ जाती है उस दिन मेरी बिक्री बढ़ जाती है और उस दिन परमात्मा मुझपर मेहरबान होजाता है । 

ग्राहक की आंखों में आंसू आ गए, उसने आगे बढकर दुकानदार को गले लगा लिया और बिना किसी शिकायत के अपना सौदा खरीदकर खुशी खुशी चला गया ।

कहानी का मर्म :- खुशी अगर बांटना चाहो तो तरीका भी मिल जाता है, बस एक कोशिश कीजिये और अपने आसपास ऐसे ज़रूरतमंद यतीमों, बेसहाराओ को ढूंढिये और उनकी मदद किजिए

मंदिर मे सीमेंट या अन्न की बोरी देने से पहले अपने आस – पास किसी गरीब को देख लेना शायद उसको आटे की बोरी की ज्यादा जरुरत हो । 

 

 एक गरीब पेट के लिए सुबह जल्दी उठकर दोड़ता है
और एक अमीर पेट कम करने के लिए सुबह जल्दी उठकर दौड़ता है

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10कुदरत का करिश्मा – हिंदी कहानी 

 जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी। 

वो एकांत जगह की तलाश में घुम रही थी, कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घास दिखी।

उसे वो उपयुक्त स्थान लगा शिशु को जन्म देने के लिये। वहां पहुँचते ही उसे प्रसव पीडा शुरू हो गयी। 

उसी समय आसमान में घनघोर बादल वर्षा को आतुर हो उठे और बिजली कडकने लगी।

Hindi Motivational Stories

उसने दाये देखा, तो एक शिकारी तीर का निशाना, उस की तरफ साध रहा था। 

घबराकर वह दाहिने मुडी, तो वहां एक भूखा शेर, झपटने को तैयार बैठा था। सामने सूखी घास आग पकड चुकी थी और पीछे मुडी, तो नदी में जल बहुत था।

कुदरत का करिश्मा – हिंदी कहानी 

मादा हिरनी क्या करती ? वह प्रसव पीडा से व्याकुल थी, अब क्या होगा ? क्या हिरनी जीवित बचेगी ?

क्या वो अपने शावक को जन्म दे पायेगी?  शावक क्या जीवित रहेगा ?

जंगल की आग क्या सब कुछ जला देगी ? 

क्या मादा हिरनी शिकारी के तीर से बच पायेगी ?

क्या मादा हिरनी भूखे शेर का भोजन बनेगी ?

हिरनी अपने आप को शून्य में छोड, अपने बच्चे को जन्म देने में लग गयी, कुदरत का कारिष्मा देखिये। 

बिजली चमकी और तीर छोडते हुए, शिकारी की आँखे चौंधिया गयी।

उसका तीर हिरनी के पास से गुजरते, शेर की आँख में जा लगा,शेर दहाडता हुआ इधर उधर भागने लगा।

और शिकारी, शेर को घायल ज़ानकर भाग गया। घनघोर बारिश शुरू हो गयी और जंगल की आग बुझ गयी। हिरनी ने शावक को जन्म दिया।

हमारे जीवन में भी कभी कभी कुछ क्षण ऐसे आते है, जब हम चारो तरफ से समस्याओं से घिरे होते हैं और कोई निर्णय नहीं ले पाते।

तब सब कुछ नियति के हाथों सौंपकर अपने उत्तरदायित्व व प्राथमिकता पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।

अन्तत: यश, अपयश ,हार ,जीत, जीवन,मृत्यु का अन्तिम निर्णय ईश्वर करता है।हमें उस पर विश्वास कर उसके निर्णय का सम्मान करना चाहिए।

कुछ लोग हमारी सराहना करेंगे,
कुछ लोग हमारी आलोचना करेंगे।

दोनों ही मामलों में हम फायदे में हैं,
एक हमें प्रेरित करेगा और दूसरा हमारे भीतर सुधार लाएगा।।

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11एक अच्छा इंन्सान – Motivation Story of Great Person

Motivation Story of Great Person  – एक 6 वर्ष का लडका अपनी 4 वर्ष की छोटी बहन के साथ बाजार से जा रहा था।

अचानक से उसे लगा कि, उसकी बहन पीछे रह गयी है। 

वह रुका, पीछे मुड़कर देखा तो जाना कि उसकी बहन एक खिलौने के दुकान के सामने खडी कोई चीज निहार रही है।

लडका पीछे आता है और बहन से पूछता है, “कुछ चाहिये तुम्हें?” 

लडकी एक गुड़िया की तरफ उंगली उठाकर दिखाती है। 

बच्चा उसका हाथ पकडता है, एक जिम्मेदार बडे भाई की तरह अपनी बहन को वह गुड़िया देता है, बहन बहुत खुश हो गयी।

दुकानदार यह सब देख रहा था, बच्चे का व्यवहार देखकर आश्चर्यचकित भी हुआ …. 

अब वह बच्चा बहन के साथ काउंटर पर आया और दुकानदार से पूछा, “सर, कितनी कीमत है इस गुड़िया की ?”

दुकानदार एक शांत और गहरा व्यक्ति था, उसने जीवन के कई उतार देखे थे, उन्होने बड़े प्यार और अपनत्व से बच्चे से पूछा, “बताओ बेटे, आप क्या दे सकते हो ??”

Motivation Story of Great Person

बच्चा अपनी जेब से वो सारी सीपें बाहर निकालकर दुकानदार को देता है जो उसने थोड़ी देर पहले बहन के साथ समुंदर किनारे से चुन चुन कर बीनी थी !

दुकानदार वो सब लेकर यूँ गिनता है जैसे कोई पैसे गिन रहा हो। 

सीपें गिनकर वो बच्चे की तरफ देखने लगा तो बच्चा बोला,”सर कुछ कम हैं क्या ??”

दुकानदार :-” नहीं – नहीं, ये तो इस गुड़िया की कीमत से भी ज्यादा है, ज्यादा मैं वापस देता हूँ ” 

यह कहकर उसने 4 सीपें रख ली और बाकी की बच्चे को वापिस दे दी। 

बच्चा बड़ी खुशी से वो सीपें जेब मे रखकर बहन को साथ लेकर चला गया।

यह सब उस दुकान का कामगार देख रहा था, उसने आश्चर्य से मालिक से पूछा, ” मालिक ! 

इतनी महंगी गुड़िया आपने केवल 4 सीपों के बदले मे दे दी ?”

दुकानदार एक स्मित संतुष्टि वाला हास्य करते हुये बोला, “हमारे लिये ये केवल सीप है 

पर उस 6 साल के बच्चे के लिये अतिशय मूल्यवान है और अब इस उम्र में वो नहीं जानता, कि पैसे क्या होते हैं ?

पर जब वह बडा होगा ना… और जब उसे याद आयेगा कि उसने सीपों के बदले बहन को गुड़िया खरीदकर दी थी, 

तब उसे मेरी याद जरुर आयेगी, और फिर वह सोचेगा कि –  “यह विश्व अच्छे मनुष्यों से भी भरा हुआ है।”

यही बात उसके अंदर सकारात्मक दृष्टिकोण बढानेे में मदद करेगी और वो भी एक अच्छा इंन्सान बनने के लिये प्रेरित होगा….

Motivational Stories – माना दुनिया बुरी है सब जगह धोखा है

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